Dhanteras Pujan 2021- दिवाली के त्यौहार की शुरुआत, धनतेरस की पूजा से होती है। दिवाली से पहले धनतेरस पूजा का विशेष महत्त्व माना गया है। इस दिन धन की देवी माँ लक्ष्मी के साथ साथ धन के देवता श्री कुबेर और भगवान धन्वंतरि की भी पूजा की जाती है। धनतेरस के दिन सोने-चांदी के आभूषण या फिर नए बर्तन खरीदना शुभ बताया गया है। इस दिन यदि पूजन पुरे विधि विधान से किया जाये तो माँ लक्ष्मी की की कृपया बनी रहती है। चलिए अब जानते है धनतेरस पूजा का समय (Dhanteras Puja Muhurat 2021 in Hindi) और पूजा की विधि (Dhanteras Puja Vidhi in Hindi 2021) ।


Dhanteras Pujan Vidhi in Hindi | Pujan Muhurat
Dhanteras Pujan Vidhi in Hindi | Pujan Muhurat

धनतेरस पूजा का समय- Dhanteras Puja Muhurat 2021 in Hindi

Dhanteras Shopping
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Dhanteras Puja- धनतेरस के दिन संध्याकाल में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन पूजा के स्थान पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की स्थापना करना शुभ माना जाता है। 


Dhanteras Puja Muhurat 2021- इस वर्ष कार्तिक मास के कृष्णा पक्ष की त्रयोशदी तिथि का प्रारम्भ 2 नवंबर, दिन मंगलवार को शाम को 6 बजकर 18 मिनट से 8 बजकर 11 मिनट तक है।



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प्रदोष काल- शाम 5 बजकर 35 मिनट से 8 बजकर 11 मिनट तक 

वृषभ काल- शाम 6 बजकर 18 मिनट से शाम 8 बजकर 14 मिनट तक 


धनतेरस पूजन शुभ मुहूर्त 2021- शाम को 6 बजकर 18 मिनट से 8 बजकर 11 मिनट तक।





धनतेरस पूजा की विधि- Dhanteras Puja Vidhi in Hindi 2021

धनतेरस की पूजा दिए गए शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए। इस दिन धन कुबेर, माँ लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की भी पूजा की जाती है। धनतेरस पर पूजन की विधि (Dhanteras Puja Vidhi in Hindi) कुछ इस प्रकार है- 



  • सबसे पहले शुभ मुहूर्त में भगवान धन्वंतरि, माँ लक्ष्मी और धन कुबेर जी की तस्वीर को पूजा के स्थान पर स्थापित करें। 

  • इसके बाद घी का दीपक प्रज्वलित करें। 

  • इसके बाद सभी भगवानों के, खुद को और अपने परिवार को तिलक लगाए।
 
  • पूजा करते समय "ॐ ह्रीं कुबेराय नमः" मंत्र का जाप करें।

  • फिर "धन्वंतरि स्त्रोत" का पाठ करें। 

  • माँ लक्ष्मी और गणेश जी का भी पूजन करें। 

  • माँ लक्ष्मी के लिए भी धुप दीप जलाये, तिलक लगाए और माँ लक्ष्मी को कमलगट्टे अर्पित करें। 

  • इसके बाद फल / फूल अर्पित करें और भगवान का भोग लगाए। 

  • धन देवता कुबेर को सफ़ेद मिठाई और भगवान धन्वंतरि को पिली मिठाई चढ़ाये। 

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