बसंत पंचमी एक हिन्दू त्यौहार है, इस दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है, क्योकि मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है की इस दिन माँ सरस्वती का जन्म हुआ था। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा करने से विद्या की प्राप्ति होती है। इस दिन पीले वस्त्रो को पहनने का विशेष महत्त्व है तथा पीले वस्त्रो को पहन कर ही विद्या की देवी माँ सरस्वती की हमे पूजा करनी चाहिए। यह पूजा हमे पुरे विधि विधान के साथ करनी चाहिए, जिसके लिए हम आपको इस पोस्ट में बसंत पंचमी की पूरी पूजा विधि बता रहे है - Basant Panchmi ki Puja Vidhi in Hindi




बसंत पंचमी की पूजा विधि हिंदी में - Basant Panchmi ki Puja Vidhi in Hindi
Basant Panchmi ki Puja Vidhi in Hindi



बसंत पंचमी 2021 सरस्वती पूजन मुहूर्त- Sarswati Pujan Muhurat 2021 on Basant Panchmi

2021 में सरस्वती पूजन के लिए शुभ समय कुछ इस प्रकार है-


पंचमी तिथि प्रारम्भ- 16 फरवरी 2021 को सुबह 3 बजकर 36 मिनट पर


पंचमी तिथि समाप्त- 17 फरवरी 2021 को सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर





🔥 सरस्वती पूजन मुहूर्त 2021- 16 फरवरी सुबह 6 बजकर 58 मिनट से दोपहर को 12 बजकर 34 मिनट तक


⏱️ पूजन की अवधि- कुल 5 घंटे 37 मिनट की






बसंत पंचमी की पूजा विधि हिंदी में - Basant Panchmi ki Puja Vidhi in Hindi

बसंत पंचमी के दिन सभी लोग जो माता सरस्वती की पूजा करते है, वो अपने कलम और किताबो को पूजते है, क्योंकी ये सभी हमें ज्ञान प्राप्त करने में सहयोग करती है। इसके लिए बसंत पंचमी की पूजा विधि कुछ इस प्रकार है-



  • बसंत पंचमी के दिन प्रातः काल स्नान आदि से निर्व्रत होकर सबसे पहले माता सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद हमे पूजा प्रारम्भ करनी चाहिए।



  • पूजा को प्रारम्भ करने के लिए सबसे पहले भगवान गणेश की और नवग्रह की पूजा करें।



  • अब सरस्वती माता की पूजा करने के लिए उन्हें सफ़ेद या पीले फूल अर्पित करें।



  • देवी माँ को पीले रंग के फल चढ़ाये और उनके चरणों में गुलाब अर्पित करें साथ ही साथ उन्हें श्रृंगार की वस्तुएं भी चढ़ाये।



  • इसके बाद अब धुप डीप और गंध से उनको शुशोभित करें।



  

  • माँ सरस्वती को सफ़ेद वस्त्र बहुत पसंद है, हो सके तो उन्हें आज के दिन सफ़ेद वस्त्र ही पहनाएं।



  • इस दिन हो सके तो पूजा में अपनी पुस्तकें या फिर वाघयंत्रो का भी पूजन करें।



  • सरस्वती देवी की पूजा के लिए अष्टाक्षर मूल मंत्र "श्री हीं सरस्वत्यै स्वाहा" परम श्रेष्ठा माना गया है।


ऐसा सभी कुछ करने से माँ सरस्वती खुश होंगी और आपको विद्या की प्राप्ति होगी।


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